उत्तराखंड के हर्षिल क्षेत्र में बादल फटने के बाद आई अचानक फ्लैश फ्लड से तबाही मच गई है। इस आपदा में भारतीय सेना के 11 जवान लापता हो गए हैं। राहत एवं बचाव कार्य तेजी से चल रहा है, लेकिन खराब मौसम और टूटी सड़कों के चलते मुश्किलें बनी हुई हैं।
क्या है घटना का पूरा विवरण?
घटना की तारीख: 6 अगस्त 2025, रात लगभग 11 बजे
स्थान: हर्षिल सेक्टर, उत्तरकाशी जिला
कारण: अचानक बादल फटना और भारी बारिश
प्रभावित: भारतीय सेना की यूनिट जो LoC पर तैनात थी
रेस्क्यू ऑपरेशन में क्या चल रहा है?
भारतीय सेना, ITBP, NDRF और SDRF की टीमें राहत कार्य में जुटी हैं।
हेलिकॉप्टर से एयरलिफ्ट का प्रयास
टूटे पुलों और सड़कों की मरम्मत
बर्फीली ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जवानों की तलाश
एक अधिकारी ने कहा: “जलस्तर तेजी से बढ़ा और पूरी पोस्ट को बहा ले गया। कई जवानों से संपर्क नहीं हो सका है।”
PM मोदी ने ‘कर्तव्य भवन’ किया उद्घाटन
इसी दिन प्रधानमंत्री मोदी ने कर्तव्य भवन का उद्घाटन किया – एक नया प्रशासनिक परिसर जो केंद्रीय मंत्रालयों को एकजुट करेगा। हालांकि, उत्तराखंड आपदा पर उन्होंने चिंता जताई और राहत पैकेज की घोषणा जल्द की जा सकती है।
उत्तराखंड में ऐसी घटनाएं क्यों होती हैं?
जलवायु परिवर्तन और ग्लेशियर पिघलना
अनियंत्रित निर्माण और जंगल कटाई
ऊंचाई वाले इलाकों में बढ़ती मानवीय गतिविधि
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर सतर्कता और प्लानिंग नहीं बढ़ाई गई, तो उत्तराखंड में ऐसे हादसे और बढ़ सकते हैं।