
“ऑपरेशन सिंदूर” भारत सरकार द्वारा हाल ही में चलाया गया एक विशेष रेस्क्यू ऑपरेशन था, जिसमें संकटग्रस्त भारतीय नागरिकों को विदेशी युद्ध क्षेत्रों से सुरक्षित बाहर निकाला गया। इस मिशन में भारतीय सेना, वायुसेना और विदेश मंत्रालय की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
यह मिशन एक संवेदनशील विदेश नीति और सैन्य रणनीति का हिस्सा था, और इसे मीडिया में ज़्यादा प्रचारित नहीं किया गया था, लेकिन अब जब इसकी जानकारी सामने आई है, तो इस पर राजनीतिक बहस तेज़ हो गई है।
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने लोकसभा में यह मुद्दा जोर-शोर से उठाया। उन्होंने पूछा कि:
“प्रधानमंत्री जी ने इस मिशन पर संसद को क्यों नहीं भरोसे में लिया? ये इतना बड़ा ऑपरेशन था, फिर इसे गुप्त क्यों रखा गया?”
गौरव गोगोई का कहना था कि संसद को अंधेरे में रखकर सरकार ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया का अपमान किया है।
प्रणीति शिंदे, कांग्रेस की युवा नेता और सांसद, ने भी इस मिशन पर पारदर्शिता की मांग की। उन्होंने कहा:
“रक्षा और विदेश मामलों पर संसद को जानकारी देना जरूरी है। हम सरकार से जवाब चाहते हैं कि इस ऑपरेशन में क्या-क्या जोखिम थे और कैसे भारतीयों को निकाला गया?”
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि:
“ऑपरेशन सिंदूर को गुप्त रखा गया क्योंकि यह एक हाई-रिस्क और संवेदनशील मिशन था। हमारी प्राथमिकता भारतीयों की जान बचाना थी। इस तरह के मिशन को प्रचारित करना उचित नहीं होता।”
उन्होंने यह भी कहा कि ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा और एक भी भारतीय को नुकसान नहीं हुआ।
Operation Sindoor पर संसद में हुई बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। ट्विटर और यूट्यूब पर #OperationSindoor ट्रेंड कर रहा है। लोग जानना चाहते हैं कि यह मिशन कब और कैसे हुआ।