
22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम के बैसरन घाटी में कुछ ऐसा हुआ, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया।
5 खूंखार आतंकवादियों ने ट्रेकिंग कर रहे टूरिस्ट्स के एक ग्रुप पर हमला किया। इस हमले में:
28 जुलाई 2025 – लीडवास, डाचीगाम नेशनल पार्क के जंगलों में
Satellite phone की एक छोटी सी चूक ने हाशिम और उसके साथियों की लोकेशन भारतीय एजेंसियों को दे दी।
इसके बाद ऑपरेशन महादेव शुरू किया गया – जिसमें शामिल थे:
यह सिर्फ एक मुठभेड़ नहीं थी, यह उन निर्दोषों के खून का हिसाब था जो पहलगाम में मारे गए।
एक पीड़ित की बहन ने कहा:
हमें सिर्फ बदला नहीं चाहिए, हमें वो कश्मीर चाहिए जहाँ हमारी यादें जिंदा रह सकें, न कि आतंक।