आख़िर क्यों छा गया मातम? ये खबर सुनते ही पूरे बंगाल और फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई। बांग्ला फिल्मों के मशहूर अभिनेता और बीजेपी नेता जॉय बनर्जी का 62 साल की उम्र में निधन हो गया है। लंबे समय से सांस संबंधी समस्याओं से जूझ रहे जॉय बनर्जी ने रविवार को अंतिम सांस ली।
क्या हुआ और कैसे” या “पूरा मामला
जॉय बनर्जी, जिन्हें 1980 के दशक में बंगाली सिनेमा का चार्मिंग फेस कहा जाता था, अब इस दुनिया में नहीं रहे। खबरों के मुताबिक, वे पिछले कुछ समय से गंभीर श्वसन संबंधी बीमारी (Respiratory Issues) से जूझ रहे थे। रविवार सुबह अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
फिल्मों से राजनीति की दुनिया तक सफर तय करने वाले जॉय बनर्जी 2014 और 2021 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी के टिकट पर उम्मीदवार भी रहे।
फिल्मी और राजनीतिक सफर” या “गहरी पड़ताल
फिल्मी करियर: जॉय बनर्जी ने 80 के दशक में “Dadar Kirti” जैसी सुपरहिट फिल्मों से अपनी पहचान बनाई। उनकी जोड़ी कई एक्ट्रेसेज़ के साथ बेहद पसंद की जाती थी। उस दौर में वे रोमांटिक हीरो के तौर पर दर्शकों के दिलों में छा गए थे।
राजनीति में सफर: बाद में उन्होंने राजनीति की ओर रुख किया और भारतीय जनता पार्टी (BJP) से जुड़े। हालांकि, उन्हें राजनीति में वह सफलता नहीं मिली, लेकिन वे बंगाल की राजनीति में एक सक्रिय चेहरा बने रहे।
प्रतिक्रियाएं: उनके निधन पर बंगाल के राजनीतिक और फिल्मी जगत दोनों ने गहरा शोक व्यक्त किया।
बीजेपी नेताओं ने उन्हें “संघर्षशील और संस्कारी” व्यक्तित्व बताया।
वहीं, फिल्म इंडस्ट्री ने कहा कि “उनके जाने से बंगाली सिनेमा का एक स्वर्णिम अध्याय खत्म हो गया।”
निष्कर्ष
जॉय बनर्जी का जाना बांग्ला फिल्म इंडस्ट्री और राजनीति दोनों के लिए अपूरणीय क्षति है। उनकी मुस्कान, रोमांटिक अंदाज़ और समाजसेवा हमेशा याद किए जाएंगे। अब देखना होगा कि बंगाल की फिल्म और राजनीति की दुनिया उनके इस खालीपन को कैसे पूरा करती है…