

10 नवंबर 2025 की शाम दिल्ली में एक ऐसा हादसा हुआ जिसने पूरे देश को दहला दिया।
शाम करीब 6 बजकर 52 मिनट पर, लाल किला (Red Fort) के पास स्थित लाल किला मेट्रो स्टेशन गेट नंबर 1 के पास एक Hyundai i20 कार में जबरदस्त धमाका हुआ।
धमाके की आवाज़ इतनी तेज़ थी कि आस-पास की खिड़कियाँ टूट गईं, गाड़ियों में आग लग गई और सड़क पर अफरातफरी मच गई।
घटना स्थल चांदनी चौक – नेटाजी सुभाष मार्ग के बेहद व्यस्त इलाके में था, जहाँ रोजाना हजारों की संख्या में पर्यटक और स्थानीय लोग आते हैं।

प्रारंभिक जांच के अनुसार, यह कोई सामान्य हादसा नहीं बल्कि योजना-बद्ध आतंकी विस्फोट (Terror Attack) माना जा रहा है।
पुलिस ने इस केस को UAPA (Unlawful Activities Prevention Act) और Explosive Substances Act के तहत दर्ज किया है।
| घटना का असर | विवरण |
|---|---|
| मृतक | 9 लोगों की मौके पर मौत |
| घायल | 30 से अधिक लोग घायल, जिनमें से कई की हालत गंभीर |
| अस्पताल | घायलों को LNJP अस्पताल में भर्ती कराया गया |
| आग | आस-पास खड़ी 5 गाड़ियों में आग लग गई |
| जांच एजेंसियां | Delhi Police, NIA, NSG और Forensic Teams मौके पर |
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि धमाके के तुरंत बाद “लाल धुएं का गुबार” उठने लगा और सड़क पर मानव शरीर के टुकड़े और वाहन के मलबे बिखरे पड़े थे।

धमाका लाल किला मेट्रो स्टेशन (Lal Quila Metro Station) के पास हुआ, जो दिल्ली के पुराने हिस्से – चांदनी चौक से सटा हुआ इलाका है।
यह इलाका दिल्ली का ऐतिहासिक और सबसे भीड़भाड़ वाला ज़ोन है।
चश्मदीदों के मुताबिक, उस वक्त ट्रैफिक सिग्नल पर कई गाड़ियाँ खड़ी थीं — तभी i20 कार में तेज धमाका हुआ।
हालांकि अभी तक किसी संगठन ने जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन शुरुआती खुफिया रिपोर्ट में इस विस्फोट के आतंकी संगठन Jaish-e-Mohammed से जुड़े मॉड्यूल का संदेह जताया गया है।
जांच एजेंसियों ने दिल्ली-एनसीआर, यूपी, पंजाब और जम्मू-कश्मीर में छापेमारी शुरू कर दी है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट कर कहा —
“दिल्ली में हुए इस कायराना विस्फोट की कड़ी निंदा करता हूँ। जांच एजेंसियां दोषियों को जल्द पकड़ेंगी। घायल नागरिकों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूँ।”
वहीं दिल्ली के मुख्यमंत्री ने भी पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने की घोषणा की और LNJP अस्पताल जाकर घायलों से मुलाकात की।
इस हादसे ने न सिर्फ दिल्ली बल्कि पूरे देश में भय का माहौल पैदा कर दिया है।
लाल किला जैसा ऐतिहासिक और सुरक्षा से लैस इलाका अगर निशाने पर आ सकता है, तो यह देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए बड़ा संकेत है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटना Pulwama Attack जैसी योजनाबद्ध आतंकी गतिविधियों की याद दिलाती है।
“दिल्ली रेड फोर्ट ब्लास्ट 2025” सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा व्यवस्था को गहराई से झकझोर देने वाली घटना है।
सरकार और सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह एक चेतावनी है कि आतंकवाद अब भी हमारे शहरों में मौजूद है।
आने वाले दिनों में जांच से इस विस्फोट की पूरी सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।