
14 साल की उम्र में जब ज्यादातर बच्चे स्कूल के होमवर्क और खेलकूद में व्यस्त रहते हैं, तब बिहार के समस्तीपुर के वैभव सूर्यवंशी ने क्रिकेट की दुनिया में तहलका मचा दिया। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2025 के एक रोमांचक मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स (RR) के इस युवा बल्लेबाज ने गुजरात टाइटंस (GT) के खिलाफ मात्र 35 गेंदों में शतक जड़कर विश्व रिकॉर्ड बना दिया। वैभव न केवल T20 क्रिकेट में शतक बनाने वाले सबसे युवा बल्लेबाज बने, बल्कि IPL इतिहास में सबसे तेज शतक लगाने वाले भारतीय भी बन गए। इस लेख में हम वैभव की इस ऐतिहासिक पारी, उनके जीवन, और इस उपलब्धि के महत्व को विस्तार से जानेंगे।

28 अप्रैल 2025 को जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में राजस्थान रॉयल्स और गुजरात टाइटंस के बीच IPL 2025 का 47वां मुकाबला खेला गया। गुजरात टाइटंस ने पहले बल्लेबाजी करते हुए शुभमन गिल (84 रन) और जोस बटलर (26 गेंदों में अर्धशतक) की शानदार पारियों की बदौलत 20 ओवर में 4 विकेट खोकर 209 रन बनाए। यह स्कोर किसी भी टीम के लिए चुनौतीपूर्ण था, लेकिन वैभव सूर्यवंशी ने इस लक्ष्य को बच्चों का खेल बना दिया।
वैभव ने यशस्वी जायसवाल के साथ पारी की शुरुआत की और पहले ही ओवर से गुजरात के गेंदबाजों पर कहर बरपाना शुरू कर दिया। उन्होंने मात्र 17 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया, जो IPL 2025 का सबसे तेज अर्धशतक था। इसके बाद, उन्होंने रुकने का नाम नहीं लिया और 35 गेंदों में 7 चौकों और 11 छक्कों की मदद से 101 रन बनाए। उनकी इस पारी ने कई रिकॉर्ड तोड़े:
वैभव की इस पारी की बदौलत राजस्थान रॉयल्स ने 210 रनों के लक्ष्य को मात्र 15.5 ओवर में 2 विकेट खोकर हासिल कर लिया। यशस्वी जायसवाल ने 40 गेंदों में नाबाद 70 रन बनाए, जबकि रियान पराग ने अंतिम छक्का लगाकर टीम को जीत दिलाई। इस जीत ने राजस्थान रॉयल्स की लगातार पांच हार के सिलसिले को तोड़ा और उनकी प्लेऑफ की उम्मीदों को जिंदा रखा।

वैभव सूर्यवंशी का जन्म 27 मार्च 2011 को बिहार के समस्तीपुर जिले के ताजपुर में हुआ था। मात्र चार साल की उम्र में उन्होंने क्रिकेट खेलना शुरू किया, और उनके पिता संजीव सूर्यवंशी उनके पहले कोच बने। वैभव के पिता ने उनकी प्रतिभा को पहचाना और उनके लिए घर के पीछे एक छोटा सा खेल का मैदान बनाया। नौ साल की उम्र में वैभव समस्तीपुर के एक क्रिकेट अकादमी में शामिल हुए, जहां उनकी प्रतिभा को और निखारा गया।
वैभव ने अपनी उम्र से कहीं आगे की प्रतिभा दिखाई। 12 साल की उम्र में उन्होंने बिहार की अंडर-19 टीम के लिए वीनू मांकड़ ट्रॉफी में हिस्सा लिया। जनवरी 2024 में, मात्र 12 साल और 284 दिन की उम्र में, उन्होंने मुंबई के खिलाफ बिहार के लिए रणजी ट्रॉफी में डेब्यू किया, जो उन्हें बिहार के लिए दूसरा सबसे युवा रणजी खिलाड़ी बनाता है। इसके अलावा, वह भारत के सबसे युवा लिस्ट-ए डेब्यूटेंट भी हैं।
2024 में, वैभव ने अंडर-19 स्तर पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 58 गेंदों में शतक बनाया, जो भारत के लिए सबसे तेज अंडर-19 शतक था। इसके बाद, उन्होंने 2024 ACC अंडर-19 एशिया कप में 176 रन बनाए, जिसमें यूएई के खिलाफ 46 गेंदों में 76 और श्रीलंका के खिलाफ 36 गेंदों में 67 रन शामिल थे। उनकी इन उपलब्धियों ने IPL स्काउट्स का ध्यान खींचा, और 2024 की IPL नीलामी में राजस्थान रॉयल्स ने उन्हें 1.1 करोड़ रुपये में खरीदा।

वैभव ने 19 अप्रैल 2025 को लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के खिलाफ राजस्थान रॉयल्स के लिए IPL डेब्यू किया। 14 साल और 23 दिन की उम्र में वह IPL के सबसे युवा डेब्यूटेंट बने। अपनी पहली ही गेंद पर उन्होंने शार्दुल ठाकुर के खिलाफ छक्का जड़ा, जो उनकी निडरता को दर्शाता है। इस मैच में उन्होंने 20 गेंदों में 34 रन बनाए। अपने दूसरे मैच में उन्होंने 16 रन बनाए, लेकिन तीसरे मैच में गुजरात टाइटंस के खिलाफ उनकी 101 रनों की पारी ने उन्हें रातोंरात सनसनी बना दिया।
वैभव सूर्यवंशी एक बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं, जो अपनी आक्रामक और निडर बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं। उनकी बल्लेबाजी में कई खासियतें हैं:

वैभव सूर्यवंशी की इस उपलब्धि का महत्व केवल रिकॉर्ड तोड़ने तक सीमित नहीं है। यह भारतीय क्रिकेट के लिए एक नई उम्मीद की किरण है। उनके प्रदर्शन ने कई संदेश दिए:
वैभव की इस पारी ने क्रिकेट जगत में तारीफों की बाढ़ ला दी। कई दिग्गजों ने उनकी प्रशंसा की:
सोशल मीडिया पर भी वैभव की पारी ने धूम मचाई। एक X पोस्ट में लिखा गया, “14 साल का वैभव सूर्यवंशी IPL 2025 में तहलका मचा रहा है! 31 गेंदों में 80* रन, 9 छक्के, 258.06 का स्ट्राइक रेट! #ChhotaPacketBadaDhamaka”।
वैभव की यह शुरुआत शानदार है, लेकिन उनके सामने कई चुनौतियां भी हैं:
वैभव सूर्यवंशी के पास क्रिकेट में एक शानदार भविष्य है। उनकी प्रतिभा, निडरता, और तकनीक उन्हें भारतीय क्रिकेट का अगला सुपरस्टार बना सकती है। राजस्थान रॉयल्स में राहुल द्रविड़ जैसे कोच और यशस्वी जायसवाल जैसे सलामी जोड़ीदार के साथ वह अपनी स्किल्स को और निखार सकते हैं। अगर वह अपनी फिटनेस और फॉर्म को बनाए रखते हैं, तो वह जल्द ही भारतीय सीनियर टीम में जगह बना सकते हैं।