
भारतीय क्रिकेट टीम के भरोसेमंद बल्लेबाज़ चेतेश्वर पुजारा ने आखिरकार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया है। अपनी शांत स्वभाव और गज़ब की डिफेंसिव तकनीक से मशहूर पुजारा को अक्सर भारत की “नई दीवार” कहा जाता था। उनके रिटायरमेंट की खबर ने करोड़ों क्रिकेट फैंस को भावुक कर दिया है।
चेतेश्वर पुजारा ने भारत के लिए 103 टेस्ट मैच खेले और 7000 से अधिक रन बनाए।
संन्यास की घोषणा करते हुए पुजारा ने कहा –
“भारत के लिए खेलना मेरे जीवन का सबसे बड़ा सपना और सम्मान रहा है। मैंने हमेशा पूरी ईमानदारी से देश का प्रतिनिधित्व किया। अब समय है नई पीढ़ी को मौका देने का।”
पिछले कुछ समय से पुजारा टीम इंडिया से बाहर चल रहे थे और चयनकर्ताओं ने युवा खिलाड़ियों को मौका देना शुरू कर दिया था। यही कारण रहा कि पुजारा ने अब औपचारिक रूप से क्रिकेट को अलविदा कहने का फैसला लिया।
उनका जाना भारतीय क्रिकेट के लिए एक बड़ा खालीपन है, लेकिन यह भी सच है कि उन्होंने अगली पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए रास्ता तैयार किया है।
चेतेश्वर पुजारा का नाम हमेशा भारतीय क्रिकेट इतिहास में सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा। उन्होंने दिखा दिया कि धैर्य, अनुशासन और संघर्ष से कोई भी असंभव लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
अब देखना होगा कि पुजारा क्रिकेट के बाहर कौन-सा नया सफर शुरू करते हैं।