
मॅक्के (24 अगस्त 2025): ग्रेट बैरियर रीफ एरीना में आज ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज़ों ने ऐसा खेल दिखाया जिसकी गूंज हर जगह सुनाई दे रही है। तीसरे वनडे में कंगारू टीम ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए सिर्फ दो विकेट खोकर 431 रन ठोक डाले। यह किसी भी ODI मैच में विपक्षी टीम को पूरी तरह बैकफुट पर धकेलने वाला स्कोर है।

ओपनर ट्रेविस हेड आज पूरी तरह जोश में नज़र आए। उन्होंने शुरुआत से ही साउथ अफ़्रीकी गेंदबाज़ों को कोई मौका नहीं दिया और मैदान के चारों ओर चौके-छक्के बरसाते रहे। हेड ने 103 गेंदों में 142 रन ठोक दिए, जिसमें 17 चौके और 5 छक्के शामिल थे। हर शॉट ऐसा लग रहा था जैसे बल्ले से आग निकल रही हो।

हेड के साथ कप्तान मिशेल मार्श ने भी जिम्मेदारी भरी पारी खेली। मार्श ने 106 गेंदों में 100 रन बनाकर टीम को मज़बूत नींव दी। दोनों की साझेदारी ने ऑस्ट्रेलिया को ऐसा प्लेटफ़ॉर्म दिया जिसे बाद में धुआंधार अंदाज़ में आगे बढ़ाया गया।

और फिर मैदान पर आए कैमरून ग्रीन – और मानो पूरा मैच ही बदल गया। उन्होंने आते ही गेंदबाज़ों की धज्जियाँ उड़ानी शुरू कर दीं। महज़ 55 गेंदों में 118 नाबाद रन बनाकर ग्रीन ने रिकॉर्ड बुक में नाम दर्ज कर लिया। यह ऑस्ट्रेलिया का दूसरा सबसे तेज़ शतक था। उनकी पारी में 7 चौके और 9 गगनचुंबी छक्के शामिल थे। दर्शक लगातार खड़े होकर उनके शॉट्स का लुत्फ़ उठाते रहे।
वहीं दूसरी ओर विकेटकीपर एलेक्स केरी ने भी अहम योगदान दिया। उन्होंने 37 गेंदों में नाबाद 50 रन बनाए और ग्रीन को खुलकर खेलने का मौका दिया। उनकी यह शांत लेकिन असरदार पारी टीम के बड़े स्कोर की रीढ़ साबित हुई।
इस मैच को ऐतिहासिक बनाने वाली बात यह रही कि पहली बार ऑस्ट्रेलिया के टॉप-3 बल्लेबाज़ों ने एक ही ODI मैच में शतक जड़े। हेड, मार्श और ग्रीन – तीनों के शतक ने मिलकर दक्षिण अफ़्रीकी गेंदबाज़ों की सारी योजनाओं पर पानी फेर दिया।
अब प्रोटियाज़ के सामने 432 रनों का विशाल लक्ष्य है। साफ है कि यह रन-चेज़ आसान नहीं होगा और अगर उन्हें यह मैच जीतना है तो शुरू से ही आक्रामक खेल दिखाना होगा। फिलहाल तो ऐसा लग रहा है कि यह मुकाबला पूरी तरह ऑस्ट्रेलिया के कब्ज़े में जा चुका है।